शनिश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा राहगीरों को पिलाया गया ठंडा रूहअफजा
Admin |
16 May 2026
शनिश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा सामाजिक सेवा और मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राहगीरों, श्रमिकों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए ठंडा रूहअफजा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भीषण गर्मी के बीच इस सेवा कार्य ने न केवल लोगों को राहत पहुंचाई, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और समर्पण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का आयोजन फाउंडेशन के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की उपस्थिति में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और आम नागरिकों को प्रेमपूर्वक ठंडा रूहअफजा पिलाकर उनकी प्यास बुझाई गई। इस दौरान लोगों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता साफ दिखाई दी।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
श्री लोकोदय फाउंडेशन के संस्थापक अंकुश सैनी ने इस अवसर पर कहा कि,
“समाज सेवा केवल बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। शनिश्चरी अमावस्या जैसे पावन अवसर पर जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”
उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संस्कार की भावना को मजबूत करना भी है। फाउंडेशन लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
भीषण गर्मी में राहत का संदेश
इन दिनों बढ़ती गर्मी और तेज धूप के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में ठंडा पेय वितरण जैसे कार्यक्रम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कई स्वयंसेवकों ने मिलकर रूहअफजा तैयार किया और व्यवस्थित रूप से लोगों को वितरित किया।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर इस सेवा का लाभ लिया और संस्था की सराहना की। कई राहगीरों ने कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं और दूसरों को भी प्रेरणा देते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा बना फाउंडेशन
श्री लोकोदय फाउंडेशन लगातार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में अपनी अलग पहचान बना रहा है। संस्था द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान, छात्र सम्मान समारोह, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, गरीब परिवारों की सहायता और धार्मिक अवसरों पर सेवा कार्य आयोजित किए जाते हैं।
संस्था का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए छोटा-सा योगदान दे, तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। इसी विचार के साथ फाउंडेशन “सेवा • समर्पण • संस्कार” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।
युवाओं की भागीदारी बढ़ी
इस कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। फाउंडेशन से जुड़े युवाओं ने न केवल वितरण कार्य संभाला, बल्कि लोगों को सामाजिक सेवा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। यह पहल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और समाजहित में आगे आने के लिए प्रेरित करती है।
जनता ने की सराहना
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने श्री लोकोदय फाउंडेशन की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। कई लोगों ने संस्था के साथ जुड़कर भविष्य में भी सेवा कार्यों में सहयोग देने की इच्छा व्यक्त की।
आइए, हम भी जुड़ें सेवा के इस अभियान से
श्री लोकोदय फाउंडेशन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समाजहित के कार्यों में भाग लें और अपने स्तर पर जरूरतमंदों की सहायता करें। संस्था का संदेश है—
“आओ मिलकर समाज को बेहतर बनाएं।”
शनिश्चरी अमावस्या के इस शुभ अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सेवा कार्य था, बल्कि मानवता, सहयोग और संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण भी बना। श्री लोकोदय फाउंडेशन का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और आने वाले समय में ऐसे और भी जनहितकारी कार्यों की उम्मीद जगाता है।