कांवड़ यात्रा के दौरान श्री लोकउदय फाउंडेशन ने की शिवभक्तों की सेवा, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उपलब्ध कराईं स्वास्थ्य सुविधाएं
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30 Aug 2026
बुलंदशहर। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त कांवड़ यात्रियों की सेवा और सहायता के लिए श्री लोकउदय फाउंडेशन द्वारा अनूपशहर से बुलंदशहर मार्ग पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं सेवा अभियान चलाया गया। इस दौरान संस्था की ओर से कांवड़ यात्रियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार, ओ.आर.एस. एवं ठंडा पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। संस्था की टीम ने यात्रा मार्ग पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार उनकी सहायता की और पूरे सेवा अभियान को समर्पण एवं सेवा भाव के साथ संचालित किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त लंबी दूरी पैदल तय करते हैं। तेज गर्मी, लगातार पैदल चलने, थकान और शरीर में पानी की कमी के कारण यात्रियों को कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में रास्ते में स्वास्थ्य सुविधा और ठंडा पानी उपलब्ध होना श्रद्धालुओं के लिए काफी राहत का कार्य करता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्री लोकउदय फाउंडेशन की ओर से सेवा शिविर लगाया गया।
शिविर में कांवड़ यात्रियों के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच की गई तथा आवश्यकता के अनुसार प्राथमिक उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। गर्मी और लगातार पैदल यात्रा के कारण कमजोरी महसूस करने वाले यात्रियों को ओ.आर.एस. और ठंडा पानी उपलब्ध कराया गया। छोटी-मोटी चोट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर भी सेवा टीम द्वारा तत्काल सहायता प्रदान करने का प्रयास किया गया।
संस्थापक अंकुश सैनी ने कहा—सेवा का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा
श्री लोकउदय फाउंडेशन के संस्थापक अंकुश सैनी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सेवा संस्था के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला सेवा संकल्प है। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी संस्था और उसकी सहयोगी टीम ने कांवड़ यात्रियों की सेवा की है और आने वाले वर्षों में भी यह सेवा इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगी।”
अंकुश सैनी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान देश के अलग-अलग क्षेत्रों से शिवभक्त अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए यात्रा करते हैं। श्रद्धालुओं की इस आस्था और कठिन यात्रा में उनका सहयोग करना संस्था अपना सौभाग्य मानती है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। ऐसे में उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी भावना से श्री लोकउदय फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य सेवा, दवाइयां, प्राथमिक उपचार, ओ.आर.एस. और ठंडे पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
अंकुश सैनी ने आगे कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल एक वर्ष या एक यात्रा तक सेवा को सीमित रखना नहीं है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी सेवा की गई है और आगे भी कांवड़ यात्रियों तथा जरूरतमंद लोगों की सेवा का यह सिलसिला जारी रहेगा।”
“सेवा ही संकल्प” के साथ आगे बढ़ी टीम
फाउंडेशन ने अपने सेवा अभियान को “सेवा ही संकल्प” के संदेश के साथ संचालित किया। संस्था के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगी टीम के सदस्यों ने कांवड़ यात्रियों की सहायता में अपना योगदान दिया।
सेवा शिविर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। टीम ने यात्रियों से अपील की कि लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, आवश्यकता पड़ने पर आराम करें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
सेवा कार्य के दौरान संस्था के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं के साथ सहयोग एवं सम्मान का व्यवहार किया। कांवड़ यात्रियों ने भी सेवा शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना की और संस्था के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं से यात्रियों को मिली राहत
कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार पैदल चलने के कारण पैरों में दर्द, थकान, कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी सामान्य समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य शिविर में उपलब्ध कराई गई प्राथमिक चिकित्सा यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई।
शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाइयां, प्राथमिक उपचार, ओ.आर.एस. एवं ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध रही। संस्था का प्रयास रहा कि यात्रा मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जरूरतमंद कांवड़ यात्री को आवश्यक प्राथमिक सहायता उपलब्ध हो सके।
फाउंडेशन के अनुसार, सेवा कार्य के दौरान टीम ने यात्रियों की जरूरतों को समझते हुए उनकी मदद की। संस्था का मानना है कि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना सामाजिक एकता और मानवता की भावना को मजबूत करता है।
आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगा सेवा अभियान
संस्थापक अंकुश सैनी ने स्पष्ट किया कि श्री लोकउदय फाउंडेशन भविष्य में भी कांवड़ यात्रियों की सेवा को प्राथमिकता देता रहेगा। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास रहेगा कि आने वाले वर्षों में सेवा कार्य को और बेहतर बनाया जाए तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
उन्होंने कहा कि सेवा कार्य में समाज के लोगों और सहयोगी टीम का योगदान भी महत्वपूर्ण है। जब सामाजिक संस्थाएं, स्थानीय लोग और स्वयंसेवक मिलकर कार्य करते हैं तो बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
अंकुश सैनी ने सभी सहयोगियों और सेवा कार्य में योगदान देने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ कार्य करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि “प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी हमने कांवड़ यात्रियों की सेवा की है और आगे भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी। हमारा प्रयास है कि भगवान शिव के भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुखद और मंगलमय हो।”
सेवा और मानवता का संदेश
कांवड़ यात्रा के दौरान श्री लोकउदय फाउंडेशन द्वारा किया गया यह सेवा कार्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण रहा। संस्था ने स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों की मदद करने का प्रयास किया और सेवा को अपना संकल्प बताया।
फाउंडेशन का कहना है कि समाज में जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना ही वास्तविक सेवा है। कांवड़ यात्रियों की कठिन पैदल यात्रा के दौरान उन्हें पानी, स्वास्थ्य सहायता और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना इसी भावना का हिस्सा है।
संस्था द्वारा जारी संदेश में कांवड़ यात्रियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए कहा गया कि “आपकी यात्रा मंगलमय हो, महादेव आपका कल्याण करें।”
इस सेवा अभियान के माध्यम से श्री लोकउदय फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि सेवा का कार्य किसी एक दिन या एक आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए। संस्था के संस्थापक अंकुश सैनी के अनुसार, जिस प्रकार प्रत्येक वर्ष कांवड़ यात्रियों की सेवा की जाती है, उसी प्रकार भविष्य में भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।
श्री लोकउदय फाउंडेशन का यह सेवा संकल्प आने वाले वर्षों में भी कांवड़ यात्रियों के लिए स्वास्थ्य, सहायता और सहयोग का माध्यम बनेगा।