श्री लोकोदय फाउंडेशन का अनूठा पर्यावरण अभियान: जामुन के बीजों से तैयार की गईं 'सीड बॉल', अनूपशहर से बुलंदशहर मार्ग पर बिखेरी गईं हजारों बीज गोलियां
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05 Jul 2026
अनूपशहर (बुलंदशहर)। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और हरित भविष्य की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए श्री लोकोदय फाउंडेशन ने एक अनूठा सीड बॉल (बीज गोली) अभियान आयोजित किया। इस अभियान के अंतर्गत जामुन के बीजों को उपजाऊ मिट्टी तथा सूखे खरपतवार के साथ मिलाकर विशेष प्रकार की बीज गोलियां तैयार की गईं। इन गोलियों को अनूपशहर से बुलंदशहर मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में बिखेरा गया, ताकि मानसून की वर्षा के साथ इनमें निहित बीज स्वाभाविक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप धारण करें और आने वाले वर्षों में सघन वृक्षों के रूप में विकसित होकर क्षेत्र की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, भूजल संकट और घटते वन क्षेत्र जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में समाज की भागीदारी से किए जाने वाले छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। इसी सोच के साथ श्री लोकोदय फाउंडेशन ने इस अभियान की शुरुआत की। संस्था का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वर्ष में कुछ पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
अभियान के लिए स्वयंसेवकों ने पहले जामुन के स्वस्थ एवं परिपक्व बीज एकत्रित किए। इसके बाद इन बीजों को उपयुक्त मिट्टी और सूखे खरपतवार के साथ मिलाकर हाथों से गोल आकार दिया गया। इन बीज गोलियों का उद्देश्य बीजों को सुरक्षित रखना है ताकि वे पक्षियों, कीटों तथा तेज धूप से कुछ हद तक सुरक्षित रहें और वर्षा का पानी मिलने पर आसानी से अंकुरित हो सकें। यह तकनीक दुनिया के अनेक देशों में प्राकृतिक वनीकरण के लिए अपनाई जाती है और कम लागत में बड़े क्षेत्रों को हरित बनाने का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।
मानसून को ध्यान में रखते हुए इन बीज गोलियों को अनूपशहर से बुलंदशहर तक सड़क के दोनों ओर ऐसे स्थानों पर बिखेरा गया, जहां प्राकृतिक रूप से नमी उपलब्ध होने की संभावना अधिक है। वर्षा के दौरान मिट्टी नरम होने पर बीज अंकुरित होंगे और धीरे-धीरे पौधे विकसित होंगे। यदि इन पौधों को प्राकृतिक संरक्षण और स्थानीय सहयोग मिलता है, तो आने वाले वर्षों में यही पौधे विशाल जामुन के वृक्ष बनकर छाया, स्वच्छ वायु और जैव विविधता को बढ़ावा देंगे।
इस अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन के संस्थापक अंकुश सैनी ने अभियान का नेतृत्व करते हुए लोगों को पौधों का वितरण भी किया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष अपने जीवनकाल में हजारों लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन, छाया, फल, पक्षियों के लिए आश्रय और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करता है। इसलिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल तब तक करनी चाहिए जब तक वह स्वयं विकसित होकर मजबूत वृक्ष न बन जाए।
अंकुश सैनी ने बताया कि जामुन का वृक्ष केवल पर्यावरण की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। इसके फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और आयुर्वेद में भी इनका विशेष महत्व बताया गया है। इसके अतिरिक्त जामुन के वृक्ष लंबे समय तक जीवित रहते हैं तथा सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि इस अभियान के लिए जामुन के बीजों का चयन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों ने भी पूरे उत्साह के साथ बीज गोलियों के निर्माण और वितरण में भाग लिया। कई युवाओं ने इसे प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक प्रेरणादायक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक सामाजिक संस्था, विद्यालय, महाविद्यालय और ग्राम पंचायत इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से चलाए, तो लाखों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं। अभियान के दौरान राहगीरों को भी बीज बॉल तकनीक के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें अपने क्षेत्रों में भी इस पहल को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
संस्था ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करें। अक्सर देखा जाता है कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखरेख नहीं होने से वे सूख जाते हैं। इसलिए पौधों को समय-समय पर पानी देना, पशुओं से उनकी सुरक्षा करना और आवश्यकता अनुसार संरक्षण देना भी उतना ही आवश्यक है जितना उनका रोपण।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे वृक्षों की संख्या बढ़ने से धूल और प्रदूषण में कमी आती है, तापमान नियंत्रित रहता है, वर्षा जल का संरक्षण होता है तथा पक्षियों और अन्य जीवों को प्राकृतिक आवास मिलता है। वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है। ऐसे में इस प्रकार के सामुदायिक अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
श्री लोकोदय फाउंडेशन ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं है, बल्कि संस्था भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण, सीड बॉल निर्माण, जल संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता तथा पर्यावरण शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के साथ जोड़ना और समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, लगाए गए पौधों की सुरक्षा करेंगे तथा प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, जल संरक्षण करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सक्रिय योगदान देंगे। संस्था ने यह भी आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे।
श्री लोकोदय फाउंडेशन का यह अभिनव सीड बॉल अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि जनसहभागिता के साथ ऐसे अभियान निरंतर चलते रहें, तो आने वाले वर्षों में अनूपशहर से बुलंदशहर मार्ग ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो सकता है। यह पहल निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर अन्य सामाजिक संगठनों और युवाओं को भी प्रकृति के लिए आगे आने की प्रेरणा देगी।