बोहाग बिहू के अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, संस्थापक अंकुश सैनी ने दिया एकता और सेवा का संदेश
Ankush Saini |
15 Apr 2026
असमिया नववर्ष के प्रतीक और प्रकृति, संस्कृति एवं उल्लास के पर्व बोहाग बिहू के अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा एक प्रेरणादायक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों, स्वयंसेवकों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्वागत समारोह के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने बिहू नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को उत्साह एवं उमंग से भर दिया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल त्योहार की खुशी मनाना था, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को एक मंच पर लाकर एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना भी था।
इस अवसर पर श्री लोकोदय फाउंडेशन के संस्थापक अंकुश सैनी ने अपने संबोधन में कहा, “बोहाग बिहू केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और नई शुरुआत का प्रतीक है। भारत विविधताओं का देश है, और हमें हर संस्कृति का सम्मान करते हुए एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। जब हम एक-दूसरे के त्योहारों को अपनाते हैं, तभी सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमें सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना के साथ कार्य करना होगा।
अंकुश सैनी ने यह भी बताया कि श्री लोकोदय फाउंडेशन निरंतर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का मौका देते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और समाज को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा का महत्व, स्वच्छता, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है, जब उसके सभी वर्ग शिक्षित और सशक्त हों। इस दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इस आयोजन में बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें नृत्य, गायन, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता शामिल थीं। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार हुआ।
कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री, वस्त्र और शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। यह पहल संस्था की सेवा भावना और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है। उपस्थित लोगों ने इस कार्य की सराहना की और संस्था के प्रयासों की प्रशंसा की।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी इस कार्यक्रम की विशेषता रही। उन्होंने न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार भी साझा किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों और स्वयंसेवकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बोहाग बिहू के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है और हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।
समापन के अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर समाज में एकता, भाईचारे और सेवा भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
यह आयोजन न केवल बोहाग बिहू के उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सेवा के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा। श्री लोकोदय फाउंडेशन द्वारा किया गया यह प्रयास निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।